१-गरीबी में अक्सर टूट जाता हैं, वो रिश्ता
जो कभी आपका बेहद ख़ास होता है ।।
२-मुस्कुरा कर देखो तो सारा जहां रंगीन है ।
वर्ना भीगी पलकों से तो आयना भी धुंधला दिखता है ।।
३-किसी के अंदर बुराई तलास करने वाला इंसान उस मक्खी की तरह होता है।
जो पूरे जिस्म को छोड़ कर सिर्फ जख्म पर बैठती है।।
४-जल्दी मिलने वाली चीजें ज्यादा देर तक नहीं ,
चलती और जो ज्यादा चलती हैं वो जल्दी मिलती नहीं।।
जो कभी आपका बेहद ख़ास होता है ।।
२-मुस्कुरा कर देखो तो सारा जहां रंगीन है ।
वर्ना भीगी पलकों से तो आयना भी धुंधला दिखता है ।।
३-किसी के अंदर बुराई तलास करने वाला इंसान उस मक्खी की तरह होता है।
जो पूरे जिस्म को छोड़ कर सिर्फ जख्म पर बैठती है।।
४-जल्दी मिलने वाली चीजें ज्यादा देर तक नहीं ,
चलती और जो ज्यादा चलती हैं वो जल्दी मिलती नहीं।।

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